Rangnath Dubey's Poems
Wednesday, 29 November 2023
(काबुली वाला)
(काबुली वाला)
मै रोज देखती हूँ--------
खुली खिड़की से घंटो सड़क की तरफ,
ऐ,रंग----इस उम्मीद मे कि शायद--
कभी दिख जाये--------
वे मेरी बचपन का काबुली वाला।
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