Sunday, 2 June 2024

(गीत गुम है)

(गीत गुम है)
भीड़ है लाखो की लेकिन प्रीत गुम है----
हम नही रह पायेगे ऐसे शहर मे,,,,,,,,,,,,,,
ऐ,रंग---------------
जहाँ होठ तो लाखो है,लेकिन गीत गुम है।

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