Wednesday, 12 June 2024

(माया खूबसूरत है)

(माया खूबसूरत है)
सदियो से सुनता आया हूं कि माया खूबसूरत है,
इसने तोड़ दी तपस्या विश्वामित्र की,
देवता भी सिहर गये,
कभी अहिल्या,कभी मेनका,कभी रंभा,कभी उर्वशी-----
हर युग मे इसकी काया खूबसूरत है,
सदियो से सुनता आया हूं कि माया खूबसूरत है।
शंतनु पागल हुये----------
नदी के इस तरफ़ और उस तरफ भटकने लगा मन,
हर युग के मत्स्यगंधा की जिसपे भी पड़ जाये------
वे साया खूबसूरत है,
सदियो से सुनता आया हूं कि माया खूबसूरत है।
इसके रमणीयपन का इलाज नही कोई,
फंसना ही फंसना है,
इसकी मुस्कान और नयन में,
ये संम्मोहन है जो सदियो से बीना टूटे------
सब पे चल आया खूबसूरत है,
सदियो से सुनता आया हूं कि माया खूबसूरत है।

@@@रचयिता------रंगनाथ द्विवेदी।
जज कालोनी,मियाँपुर
जौनपुर(उत्तर-प्रदेश)।
mo.no.-----7800824758

No comments:

Post a Comment