Rangnath Dubey's Poems
Friday, 7 June 2024
(गुरुत्वाकर्षण है)
(गुरुत्वाकर्षण है)
उसकी खुबसुरती को
एक टक देखना,
मेरी बद्चलनी नही,
बल्कि ये
उसके तराशे हुये बदन का,
एै,रंग---
गुरुत्वाकर्षण है!
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