Monday, 2 March 2026

बैजू बावरा

(बैजू बावरा)

ऐ शोहरते तानसेन,–
ये तेरा ऐंठना कैसा?

देखना! फिर हरा देगा तुम्हे,
किसी महफिल में 

ऐ रंग-
किसी छोटे से शहर का 
बैजू बावरा.

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