Rangnath Dubey's Poems
Tuesday, 17 March 2026
खूबसूरत औरत नहीं देखी
(खूबसूरत औरत नही देखी)
माथे से टपकता पसीना,
कमर में खोसी हुई साड़ी!
सर पर सीमेंट की भदेली,
और उस पर
श्रम की मादक चाल!
ऐ रंग---
मेरी कविता ने कभी--
इतनी खूबसूरत औरत नही देखी.
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