Thursday, 19 March 2026

मकान से अच्छा

(मकान से अच्छा)
वे अपनी तोतली जुबान से बोलता है----
किसी भी हिन्दू या मुसलमान से अच्छा।
मुझे बहुत खूबसूरत लगता है----------
वे गली मे नंगा खेलता बच्चा ।
क्या?करुंगा जा के मै मंदिर या मस्जिद में,
मुझे पता है कि---------
तुम बांध दोगे बंदिशो मे एक दिन इसे भी,
ये भी समझ जायेगा जाती और मज़हब,
और बन जायेगा ये खो के अपना बचपना,
हमारी गीता और तुम्हारे कुरान का बच्चा।
तब तलक तो तक लु इस मासुम से बच्चे को,
जो खुद मे खो बना रहा मिट्टी से एै"रंग"----
एक घर इस शहर मे हर मकान से अच्छा।

@@@रचयिता------रंगनाथ द्विवेदी।
जज कालोनी,मियाँपुर
जौनपुर।
mo.no.----7800824758

No comments:

Post a Comment