Monday, 16 March 2026

लिख दूं बनारस

(लिख दूं बनारस)

तेरी यह खूबसूरत आंखे है 
या की "भेलूपुर".

उस पर यह शर्म तेरी
जैसे "गिलट बाजार".

उफ! यह दिल की इंतहा है
या की पागलपन 
बता ए मेरी मोहब्बत
कि मैं तुम्हें 

"कचौड़ी गली" लिखूं 
या लिख दूं
बनारस.



✍️✍️ रंगनाथ द्विवेदी
जौनपुर,(उत्तर-प्रदेश)

No comments:

Post a Comment