Rangnath Dubey's Poems
Saturday, 16 December 2023
(पेशावर में मासुमो का कत्ल)
(पेशावर मे मासुमो का कत्ल)
मासुम बच्चो की लाशो पे-
मरसिया लिख रहा हुँ।
अभी कल बीता है लम्हे चेहल्लुम,
सीना फट गया हिन्दु का
कलम सदमे में है।
खैरात,ज़कात,नमाज़,रोजा,हज
सब हराम है मुसलमानो,
आखिर इतना कत्ल, ऐ रंग-
कूर्आन के किस पन्ने में है।
मरसिया-शोक गीत को कहते है।
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