Rangnath Dubey's Poems
Thursday, 21 March 2024
(ट्रेन हादसे)
(ट्रेन हादसे)
हाई स्पीड़-बुलेट ट्रेन-अच्छे दिन,,,,,
सब ख्व़ाब से,,,,,
मै कैसे गुफ्त़गु करु हर लाश से,,,,,,
छुट गई कलम भी कंप-कपाके मेरे हाथ से।
आखिर कब तलक होते रहेगे,ऐ,रंग----
इस मूल्क़ मे ऐसे ट्रेन हादसे।
ट्रेन हादसे मे मरे हुये लोगो को मेरी श्रद्धांजली।
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