Rangnath Dubey's Poems
Saturday, 30 March 2024
(तलाक)
(तलाक न दो)
ख्व़ाहिशो को खाक न दो,
ऐ मेरे शौहर!
शरिया के नाम पे--------
मुझे बेज़ा तलाक न दो।
बख्श़ दो--------
कहाँ जाऊँगी ले मासुम बच्चे,
मुझ बे-गुनाह को इतना भी शाॅक न दो!
बेज़ा तलाक न दो।
@@सुप्रीम कोर्ट के तीन बार तलाक देने के मसले से प्रेरित चंद लाइन।
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment