Rangnath Dubey's Poems
Sunday, 24 March 2024
(मंटो मर नही सकता)
(मंटो मर नही सकता)
जब तलक---
भूख की वेश्या,
काली सलवार पहने,
ग्राहक तलाशेगी!
ऐ,रंग----
तब तलक,
बदनाम मंटो--
मर नही सकता.
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