Rangnath Dubey's Poems
Monday, 11 March 2024
(मां की दुआ आती है)
(माँ की दुआ आती है)
मै घंटो बतियाता हूँ माँ की कब्र से,
ऐ,रंग----ऐसा मुझे लगता है कि!
जैसे इस कब्र से भी----------
मेरे माँ की दुआ आती है।
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