Rangnath Dubey's Poems
Sunday, 19 May 2024
(चुनाव)
(चुनाव)
कही बंगाल तो कही आसाम जा रहा है,
कोई तड़प रहा है कि------------------
उसका निज़ाम जा रहा है।
ये जम्हूरियत है ऐ,दोस्त------
अब न चलेगी मज़हबी अईय्यारी,
क्योंकि कि वोट देने--------------
ना अब कोई हिन्दू ,ना मूसलमान जा रहा है।
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment