Rangnath Dubey's Poems
Friday, 24 May 2024
(कमल खिलता रहा)
( कमल खिलता रहा )
कल पूरे देश की ई.वी.एम. में,
खोट मिलता रहा.
विपक्ष के लोग तिलमिलाते रहे
और भाजपा को
वोट मिलता रहा.
माफ!करना ----
ये फैलाया कीचड़ तुम्ही ने था
इसमें तो ----
बस कमल खिलता रहा .
@@रंगनाथ द्विवेदी
## 7800824758
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