निश्चित ही अपने छात्र जीवन में या एक हिंदी पाठक के तौर पर शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसने "सरस्वती" पत्रिका का नाम सुना या उसे पढ़ा ना हो,,,"सरस्वती हिंदी उत्थान की संवाहक पत्रिकाओं में से एक है, जिसमें कभी भी छपना आसान नहीं रहा"-----
ऐसे में सरस्वती पत्रिका में इस बार के अंक में मेरी कहानी का छपना आप बड़ों के मार्गदर्शन और आशीर्वाद का प्रतिफल है,,,,,
खासकर मैं विशेष रूप से पटना (बिहार) के बहुचर्चित व उत्कृष्ट लेखक व साहित्यकार डॉक्टर संजय पाठक जी का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने मुझे यह जानकारी दी.
शेष पत्रिका की लेखकीय प्रति प्राप्त होने पर ✍️✍️🙏🙏
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