Monday, 8 July 2024

(बाबा)

इस देश के नामी-गिरामी बाबाओ की नीचता को मूल्यांकित करती मेरी कुछ पंक्तियां ।
              (बाबाओ के नीच होने का कंम्पटिशन चल रहा है) 
सावधान---------
बाबाओ के सेक्स का सीजन चल रहा है, 
प्रवचन प्रदूषित हो गया है, 
महिला अंगो को तकने की लिप्सा मे, 
पगला गये है, 
उनकी आश्रम की गुफा मे वे देखो,
ब्लू फिल्मो का---------
पुरा टेलीविजन चल रहा है. 
तमाम कामुक आसनो की उठा-पटक, 
और सिरहाने तमाम कामोत्तेजक पुरूष होने के कैप्सूल, 
वे देखो पकड़े ला रही, 
जबरदस्ती गुफा मे-----------
इनके आश्रम की कोई हनीप्रित सी महिला, 
उफ! हे भगवान 
अब लग रहा कि जैसे हमारे देश मे, 
इन बाबाओ के ज्यादा से ज्यादा ------
नीच होने का कंम्पटिशन चल रहा है. 

@&@@रचयिता----रंगनाथ द्विवेदी. 
जज कालोनी, मियाँपुर 
जौनपुर---222002 (उत्तर-प्रदेश). 
 no. no. ----7800824758.

 यह रचना मेरी स्वरचित व अप्रकाशित है ।

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