(हां मैं किन्नर हूं)
"मैं कहां दहलीज
कहां घर हूं,
मैं दर्द हूं,पीड़ा हूं
आंसू हूं ,समंदर हूं
मैं कहां दहलीज
कहां घर हूं
कुछ उगा नहीं,
दिल से बांझ और बंजर हूं
हमारी जिंदगी है केवल
एक--
"चश्मे" पानी का धोखा
हमारी सांस तो चलती है
पर अंदर से मरुस्थल हूं
"हां मैं किन्नर हूं,
हां मैं किन्नर हूं".
✍️✍️✍️✍️😥😥😥😥
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