Rangnath Dubey's Poems
Friday, 26 July 2024
व्यंग्य
✍️कल एक शादीशुदा महिला अपने कुत्ते के जन्मदिन का केक काट रही थी और उसका पति-अपनी पत्नी और कुत्ते से काफी दूर खड़ा था,,मुझे लगा कि अभी बेचारे में "पति होने के कुछ लक्षण अवशेष बचे रह गए है"
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