Rangnath Dubey's Poems
Monday, 19 June 2023
(तमाशे करता रहा)
(तमाशे करता रहा)
मै--
अपने ही चेहरे पे तमाँचे करता रहा,,,,,,,
ऐ,भूख मै तेरी खातीर----------
पुरे शहर में तमाशे करता रहा।
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