Friday, 16 June 2023

(मां)

भारत के अमर सपूतो को मेरा शत-शत नमन------

(माँ)

तेरा हर बेटा मुल्क की खातिर-------
यूं शहीद और कुर्बान हो माँ!

ना बटने दे किसी को मजहब के नाम पे,
समय से पूजा समय से अजा़न हो माँ.

फक्र हो तुम्हे अपने आँचल और दूध पे,
तेरी लोरी में राष्ट्र हो और राष्ट्रगान हो माँ.

ना पंजाब,ना गुजरात,ना महाराष्ट्र निकले,
आखिरी लम्हें गर लब भी फड़फड़ाये,
तो लब पे तुम और हिन्दुस्तान हो माँ.

गर सुपुर्द-ऐ-खाक होने लगू,
तो मुट्ठी में मुल्क की मिट्टी-------
और डालने वाले के होंठो पे मुस्कान हो माँ.

यह रचना मेरी स्वरचित व अप्रकाशित है.

@@@रचयिता---रंगनाथ द्विवेदी.
जज कालोनी, मियांपुर
जिला--जौनपुर 222002 (U P)
Mo.no.7800824758

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