हां!इस ब्राह्मण ने,
इस शहर की मशहूर---
फिरदौस से मोहब्बत की है.
कोई गुनाह नही--
हमने तो बस
एक औरत की इज्ज़त की है.
मांग भरा हैं---
उसे निकाल कर इस गलीज गली से,
उसके नाम हमने--
एक मकान और पुरी छत की है.
हां इस ब्राम्हण ने,
इस शहर की मशहूर---
फिरदौस से मोहब्बत की है.
मै श्लोक पढ़ता हूं---
वे नमाज़ पढ़ती है मेरे पूजा के कमरे में
उसे ये इजाज़त ए,रंग--
मेरे मोहब्बत के शरीयत की है.
हां इस ब्राम्हण ने,
इस शहर की मशहूर---
फिरदौस से मोहब्बत की है
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