Friday, 9 June 2023

(कुछ औरते गुजर रही)

दिल्ली में चाकु और पत्थर से कुचकर की गई लड़की की नृशंस हत्या पर मेरी भाव श्रद्धांजलि ✍️✍️

(कुछ औरते गुजर रही)
😢😢😢😢

वे नृशंस चाकुओं से मार रहा,
पत्थर से कुचल रहा,
वही बगल से उसके 
कुछ स्तन शुदा औरते 
गुजर रही.
निर्भया
के गुप्तांग के सरिए से फिर 
खून बह रहा
लेकिन इस बार
मोमबत्तियां जली नही
चलो ! अच्छा है
कि, दिल्ली
का अपना मुर्दापन बच गया.
आखिर राजधानी है
यही तो आना है
कुछ लोगो को 
सदन में घड़ियाली आसूं बहाने
कुछ वोट
टटोलने,
लव जेहाद, हिंदू मुसलमान,जाति
नही, नही
फिर किसी लड़की का कटा स्तन
उछल रहा
और उसके गुप्तांग से
खून की एक पतली धार 
बह रही.
पता नही की राजधानी की तरफ
या फिर, हमारी सूख चुके
आंख के पानी की तरफ
लेकिन हां! कुछ
स्तन शुदा औरते 
उसकी बगल से गुजर रही. 😢😢😢😢

यह रचना मेरी स्वरचित व अप्रकाशित है.

लेखक--रंगनाथ द्विवेदी
जज कॉलोनी, मियापुर
जौनपुर (U P)
mo.no.7800824758

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