Rangnath Dubey's Poems
Wednesday, 7 June 2023
(आखिरी रात लिखी,उसनें)
जला के चराग़---
आखिरी रात लिखी, उसनें.
हर्फ-दर-हर्फ,तड़पी कागज़ पे,
जब---
आखिरी बात लिखी, उसनें.
उफ!! जोर से लड़खड़ाई,
कलम छूट गई,
ऐ "रंग"-अपने ही,
खुदकुशी की---
आखिरी रात लिखी, उसनें.
@@ रंगनाथ द्विवेदी
## 7800824758
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