Thursday, 22 June 2023

(परीयो की तरह ज़मी पर हो)
झील हो,झरना हो,समंदर हो,,,,,,,,,,,,,
तुम बहुत सुंदर हो।
फूल हो,पुष्प हो,गुल हो-----------
तुम्हे देखता है पागलो सा कवि मन,,,,,,,,,
तुम परीयो सी ज़मी पर हो।

No comments:

Post a Comment