Friday, 2 June 2023

(पोयम ने छिन लिया)
हिन्दी की कविता की संवेदना को-------
अंग्रेज़ी के पोयम ने छिन लिया।
दूध-कटोरी,माँ की लोरी,आँचल और गाँव को--
इस कंकरीट की सीटी ने छिन लिया।
पति और पत्नी के रिश्ते गुम हो गये,
क्योंकि सारा प्यार नंगे बदन लौटती----
उसकी नाइट ड्यूटी ने छिन लिया।
बच्चो का खेलना-कुदना,धमाचौकड़ी को,
नौ साल की उम्र से ही कान्वेंट,ट्यूशन और-----
मोटी-मोटी फिजिक्स,कमेस्ट्री ने छिन लिया।
गाँव मे बुढ़े और गरीब माँ-बाप ने कर्ज ले पढ़ाया था,
उनकी उस पीड़ा को वाइफ के माम-डैड और------
उसकी छोटी सिस्टर स्विटी ने छिन लिया।
हिन्दी की कविता की संवेदना को-------
अंग्रेज़ी के पोयम ने छिन लिया।

@@@रचयिता-----रंगनाथ द्विवेदी।
जज कालोनी,मियाँपुर
जौनपुर(उत्तर-प्रदेश)
mo.no.----7800824758

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