Rangnath Dubey's Poems
Tuesday, 24 September 2024
(बरसात रहेगी)
(बरसात रहेगी)
ना पुछ किसके घर,किसके साथ रहेगी
मईया!तो हर घर मे,नवरात रहेगी।
बढेगी यश,कीर्ति और सम्पदा
ऐ रंग,-नवो दिन -
ये बरसात रहेगी।
जय माता दी।-रंगनाथ दुबे
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