Saturday, 28 September 2024

(मेरी हीर लिए चल)

(मेरी हीर लिये चल)
मेरा दर्द,मेरी पीर लिये चल-----
ऐ भीड़---उस बेवफ़ा की,,,,,,,,,,
एक तस्ब़ीर लिये चल।
रुह़ानी गुफ्त़गु की खातिर ऐ,रंग-----
उसके घर की मिट्टी को-----
समझ मेरी हीर लिये चल।

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