Rangnath Dubey's Poems
Monday, 16 September 2024
(तीज हूं मैं)
(तीज हूँ मै)
तेरी खुशियो के लिये-------
कभी बांदी,तो कभी कनीज़ हूँ मै।
खड़ी हूँ तेरे घर लौट आने तलक-----
तेरी चौखट,तो कभी दहलीज़ हूँ मै।
मालिक भी हूँ,तेरे दिल की ऐ पी मेरे,,,,,,,,,
तेरी खातिर--------
कभी करवा चौथ,तो कभी तीज हूँ मै।
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