Monday, 23 September 2024

(एक गोल सी रोटी)

(चाँद )
अच्छा है चाँद------------
कि तु अभी तलक किसी के कब्ज़े मे नही,
वरना तेरा भी किसी रईस से---------
ये शाम तलक सौदा कर देते,
तु भी तड़पता किसी कमरे से सारी रात,
तुझे पिंजरे में कैद--------------
ये परिंदा कर देते।
फिर गरीब और मज़लूम-----------
कैसे तकता तुम्हे अपने खाली पेट,
कैसे कोई माँ सुलाती----------
अपने भूखे बच्चे को ये धोखा दे,
कि बेटा वे देखो---------
तवे पे भगवान पका रहे है,
तुम्हारे लिये एक गोल सी रोटी,
सो जाओ!
चाँद तुम एक उम्मीद हो गर इनके हाथ
लग जाते---------
तो ये तुम्हे किसी रईस के आँगन तक का
एक ब्याज़ के कर्ज़ से बिंधा--------
न भर पाने वाला कारिंदा कर देते।

No comments:

Post a Comment