Tuesday, 3 September 2024

(बेवफा माचिस)

( बेवफा माचिस)

जल गया-------
मोहब्बत के धोखे में, 
जब सुशांत ने छुआ, 
ये रीया माचिस. 

अपने रूप और यौवन की, 
तीली से--- 
इसने ऐसा जलाया
कि मोहब्बत के चारों तरफ
दिखने लगा, 
सुशांत को अपनी खुदकुशी का, 
ये दिलफ़रेब---
और धुंआ माचिस. 

आओ बचे, 
कहीं ऐसा ना हो कि 
शहर दर शहर, 
जान लेती फिरे ए "रंग "
ये बेवफा माचिस. 

यह मेरा स्वरचित रचना है. 
@@@ रंगनाथ द्विवेदी
 जज कॉलोनी, मियापुर
 जिला जौनपुर( उत्तर प्रदेश)
 मोबाइल नंबर---7800824758

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