Rangnath Dubey's Poems
Tuesday, 3 September 2024
(चूड़ियों की भाषा)
(चुड़ियो की भाषा)
हाँ मै औरतो के चुड़ियो की भाषा जानता हूँ----------
क्यूकि एक लय है दर्द का,,
और एक लय है खुशी की-------!
लाख छिपाये कोई चुड़ियाँ अपनी,,,
मै फिर भी----------
बीना उसके खनके ही जान जाता हूँ।
हाँ!मै औरतो के चुड़ियो की भाषा जानता हूँ।
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