दीपिका------
तेरे आवारा होंठ की
ये जुंबिश
ये कश, ये धुँआ, ये नशा
और उसकी कशिश
तेरी आँखों में उत्तर आना,
उफ ! वाकई----
तु एक लाजवाब हीरोइन है,
तुम्हें पाने और देखने की ये बेचैनी,
ये चाहत,
किसी ड्रग्स से कम नही,
तु इतने इल्जामों के बाद भी,
एक-----
दिलरुबा सिगरेट है.
@@@रंगनाथ द्विवेदी
जज कॉलोनी, मियांपुर
जौनपुर mo.no.7800824758
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