ऑन लाइन कपड़े उतारने वाली पीढ़ी
इश्क क्या जाने?
कि किस तरह एक लड़की
घंटो अकेले में
अपने महबूब से मिलकर
वह बिल्कुल महफूज़
अपने लौट आती थी .
आज तो सीने का दुपट्टा भी
उतार देती है
एक पूरी बेहयाई
मोबाइल के नेटवर्क में है.
इस रचना का आसय किसी को ठेस पहुंचाना नहीं है.
रंगनाथ द्विवेदी
जज कॉलोनी,मियाँपुर
जिला--जौनपुर 222002 (U P)
rangnathdubey90@gmail.com
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