Friday, 20 September 2024

(मोबाइल के नेटवर्क में है)

(मोबाइल के नेटवर्क में)

ऑन लाइन कपड़े उतारने वाली पीढ़ी 
इश्क क्या जाने?
कि किस तरह एक लड़की 
घंटो अकेले में 
अपने महबूब से मिलकर 
वह बिल्कुल महफूज़ 
अपने लौट आती थी .
आज तो सीने का दुपट्टा भी 
उतार देती है 
एक पूरी बेहयाई 
मोबाइल के नेटवर्क में है.

इस रचना का आसय किसी को ठेस पहुंचाना नहीं है.

रंगनाथ द्विवेदी 
जज कॉलोनी,मियाँपुर 
जिला--जौनपुर 222002 (U P)
rangnathdubey90@gmail.com

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