Rangnath Dubey's Poems
Saturday, 7 October 2023
(कभी हज नही किया)
(कभी हज़ नही किया)
मेरी लाश को---------
उस बेवफ़ा की गली से ले जाना,,,,,,,,,,,,
क्यूकि इसी की खातिर ऐ,रंग----
इस काफ़िर-ए-मूसलमां ने----------
कभी हज़ नही किया।
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