Rangnath Dubey's Poems
Friday, 13 October 2023
(काबुलीवाला)
( काबुलीवाला)
मैं रोज देखती हूं------
खुली खिड़की से
घंटों सड़क की तरफ, ए 'रंग '
इस उम्मीद में कि शायद,
कभी दिख जाए,
वे मेरी बचपन का----
"काबुलीवाला "
@@रंगनाथ द्विवेदी
जज कॉलोनी, मियांपुर
जौनपुर, उत्तर-प्रदेश
Mo.no.7800824758
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