Tuesday, 17 October 2023

(बिटिया)

(बिटिया)
ई बिटिया हौ कहिके--------
पेटे में ऐकराके मार दिहल जाला।
गर पैदा भी भईल----------
तो बेटवा के आगे दुत्कार दिहल जाला।
नकली हौ कहना की बिटिया हौ गहना,
अगर इहै सच हौ!
तो काहे के केहु कर बिटिया,
दहेज के खातिर---------
बंद कमरा में एक दिन जराय दिहल जाला।
पेट में ऐकराके मार दिहल जाला।
ई दुनिया मरद क,खुशी भी मरद क
शादी वियाहे क शापित बा बेवा,
एक बेवा मरद के सारी खुशी में,
बोलाई लिहल जाला!
हौ जग क रिति---------
कि बेवा बिटियवन के खुशीयन क मैना,
बंद पिंजरा में कईके रोआई दिहल जाला।
ई बिटिया हौ कहिके-------
पेटे में ऐकराके मार दिहल जाला।

@@@भोजपुरी पत्रिका में प्रकाशनार्थ भेजी एक रचना आपके स्नेह की आदालत में प्रेषित है।

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