Sunday, 8 October 2023

(नदी रो रही)

(नदी रो रही)
रोज लहू-लुहान हो रही---
हमारे शहर मे नदी रो रही।
ये माँ थी-हम बेवफ़ा बेटो की-----
आज हमी से जलिल हो रही,,,,,,,
ऐ,रंग------
हमारे शहर मे नदी रो रही।

No comments:

Post a Comment