इस दिवाली तु शहीद के घर,
फक्र से जलना दिये.
ना रोना उसकी शहादत पे कसम है तुम्हें,
गर हो सके तो हर छत के दिये से------
जन-गण-मन और वंदेमातरम कहना दिये.
@@@रचयिता----रंगनाथ द्विवेदी.
जज कालोनी, मियाँपुर
जिला--जौनपुर पिन नं.222002 (उत्तर-प्रदेश)
Mo.no.---7800824758.
यह मेरे स्वयं का लिखा व अप्रकाशित है.
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