Rangnath Dubey's Poems
Friday, 12 January 2024
(जला अलाव देखा है)
ठंड मे सरकारी अलाव के क्या हाल है एक ठंड की रात ने स्पष्ट कर दिया
(जला अलाव देखा है)
ठंड मे---------
अकड़ के मरे हुये बुढ़े का हमने घाव देखा है!
बंद करो------
ये तवायफ़ी अखबारबाजी अपनी,
बस तुम्हारें पहले पेज पे ही हमने--------
शहर मे जला अलाव देखा है।
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