Sunday, 14 January 2024

(खिचड़ी)

चुनावी कटाक्ष-----शनिवार
(चुनाव की खिचड़ी)
बड़ी गुलज़ार है दलित के गाँव की खिचड़ी,
चटखारे लेके खा रहे बेस्वाद-बेमन,
क्या करे मजबूरी है--------------
सामने है इनके चुनाव की खिचड़ी।
एै"रंग" दलित बहुत खुश है इनके आचरण से,
वे भी खिला रहा है इन्हे अपने तरिके से----
बेमन-बेभाव इस चुनाव की खिचड़ी।
@@@रचयिता-----रंगनाथ द्विवेदी।
जज कालोनी,मियाँपुर
जौनपुर।
mo.no.-----7800824758

धन्यवाद!दैनिक वर्तमान-अंकुर,निर्मेश के त्यागी भइया,और आज के चुनावी कटाक्ष के साथ स्नान-दान पर्व खिचड़ी की ढ़ेर सारी बधाई।

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