Friday, 12 January 2024

(कामायानी नही)

(कामायनी नही)
हाँ!-----------
मै भी पढ़ी जाती हूँ,
किसी बंद कमरे में नंगे बदन,
ऐ,रंग-----ये और बात है कि,
मै किसी जय शंकर प्रसाद की-----
कामायनी नही।

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