Tuesday, 2 January 2024

(प्रीत का बिछुआ)

(प्रीत का बिछुआ)
उम्र ढ़ली---------------
मै ढला पर वे न ढली,
हाय!आज भी चुभे है आधी रात बीस्तर मे,
ऐ,रंग--वैसे ही उसकी प्रीत का बिछुआ।

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