Rangnath Dubey's Poems
Tuesday, 30 January 2024
(रोटी गाती रही)
(रोटी गाती रही)
भूखी माँ सुबह तलक---------
भूख से बिल-बिलाती बेटी के लिये,
लोरी गाती रही।
पडोसियों ने कहा बेटी मर गई,
ऐ,रंग----वे इस सबसे बे-खबर-----
कहके चाँद को रोटी गाती रही।
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