Friday, 14 October 2022

(लहरो मे फ़ना होना है)
मै तो फ़कत एक नदी हूँ-------
ऐ वालिदे दरिया,,,,,,,,,,
जिसे एक दिन---------
तेरी लहरो मे फ़ना होना है।

No comments:

Post a Comment