Thursday, 13 October 2022

(आदमी हूँ)

तेरे रूप के लावण्य से,
देवता दहके थे,
मै तो आदमी हूँ.

है इसमे पाप-पुण्य कुछ नही,
ये सुरा आचमन है,
इसमे देवता बहके थे,
मै तो आदमी हूँ.

रंगनाथ द्विवेदी. 
जौनपुर, उत्तर-प्रदेश 
Mo.no.--7800824758

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