Rangnath Dubey's Poems
Sunday, 16 October 2022
(बन के फूल नीलोफर)
कर नही पाये,
बना के तुम्हे बेटी
ये कुबूल नीलोफर।
तबाह कर देगी,पुरा कुनबा
उनकी-
ये भूल नीलोफर।
ऐ रंग,-
ये दुनियावी चलन है
कि फिर-
किसी के आँगन मे खिलेगी-
बन के फूल नीलोफर।
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