Rangnath Dubey's Poems
Wednesday, 5 October 2022
(अनारकली बे-गुनाह थी)
ये गलत था कि,
वे सलीम की चाह थी।
पर मुगलिया सल्तनत
के खत्म होने मे-
उसकी आह थी।
ऐ रंग,-
वे कनीज का कत्ल था।
वरना अनारकली बिल्कुल-
बे-गुनाह थी।
[कनीज-नौकरानी]
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