Rangnath Dubey's Poems
Monday, 3 October 2022
(निकाह कर ले)
कुछ सफेद,
कुछ स्याह कर ले।
इस दुनिया से
कुछ और निबाह कर ले।
ऐ रंग,-जब लेने आयेगी
मौत की दुल्हन,
टुटती साँसे कहेंगी-
तु निकाह कर ले।
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