Rangnath Dubey's Poems
Friday, 14 October 2022
(बहस की ज़ूर्रत करेगी)
गीता-कूर्आन----------
की मौत का मुझे खौफ़ नही।
गर कोई माँ किसी दंगे मे मरेगी,,,,,,,
तो ऐ,रंग--मेरी नज़्म हर मर्तबा------
मंदिर-मस्ज़िद से बहस की ज़ूर्रत करेगी।
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